ख़ुशी, गम, उत्साहित या शांत मन – हर परिस्थिति में काम आता है संगीत | संगीत की कला को मूर्त रूप देने का का करते हैं संगीतज्ञ – जिनमें कुछ वाद्य यंत्रों द्वारा संगीत का निर्माण करते हैं और कुछ अपनी आवाज़ का जादू उसमें मिलाकर एक गाने का निर्माण करते हैं और उसे अमर कर देते हैं | तो आज हम इससे ही कुछ भारतीय पुरुष गायकों की सूची लाये हैं  जिन्होंने अपनी आवाज़ के जादू से सब का दिल छू लिया है आज के युग के बच्चे हों या युवा या फिर एक दो पीढ़ी पुराने बुजुर्ग हर कोई गुनगुनाने लगता है इनके गाने | आइये नज़र डालते हैं इन पर –

  1. कुमार सानू

    कुमार शानू (केदारनाथ भट्टाचार्य) का जन्म 22 सितंबर 1957 को कोलकाता में हुआ। कुमार शानू अकेले ऐसे भारतीय गायक हैं जिनके नाम एक दिन में 28 गाने गाने का रिकॉर्ड गिनीज बुक में रिकॉर्ड दर्ज हैं। कुमार शानू ने स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद कोलकाता में स्टेज प्रोग्राम्स में गाना शुरू कर दिया था। साथ ही वह ऐसे गायक हैं जिन्हें लगातार पांच साल तक फिल्म फेयर अवार्ड से सम्मानित किया गया है, साथ ही उन्हें भारत के सर्वोच्च सम्मान पद्म श्री से नवाजा जा चुका है। इनके सदाबहार गीत आज भी दर्शकों और श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर देते हैं।

    इनके कुछ बेहतरीन गीत-

    • मेरादिलभी – फिल्मसाजन
    • जबकोईबातबिगड़जाये – फिल्मजुर्म
    • तूमेरीज़िन्दगीहै – आशिकी
    • दोदिलमिलरहेहैं – फिल्मपरदेश
    • दर्द करारा – फिल्म दम लगा के हईशा

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  2. किशोर कुमार

    अभास कुमार गांगुली या फिर किशोर कुमार, एक ऐसा नाम जिसने हिंदी म्यूजिक इंडस्ट्री में और एक्टिंग में एक अलग छाप छोड़ी है। किशोर कुमार जी का जन्म 4 अगस्त 1929 को खंडवा मध्यप्रदेश में हुआ। उन्होंने बंगाली, हिंदी, मराठी, असमी, गुजराती, कन्नड़, भोजपुरी, मलयालम, उड़िया और उर्दू सहित कई भारतीय भाषाओं में गाने गाये थे। उन्होंने सर्वश्रेष्ठ पार्श्वगायक के लिए 8 फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कार जीते थे। उनके सम्मान में मध्यप्रदेश सरकार ने हिंदी सिनेमा में योगदान के लिए “किशोर कुमार पुरस्कार” चालू कर दिया है।

    इनके कुछ बेहतरीन गीत-

    • ये दोस्ती – फिल्म शोले
    • ओ साथी रे – फिल्म मुकद्दर का सिकंदर
    • गाता रहे मेरा दिल – फिल्म गाइड
    • रूप तेरा मस्ताना – फिल्म आराधना
    • तेरे जैसा यार कहाँ – फिल्म याराना

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  3. मोहम्मद रफी

    हिंदी सिनेमा के सुरों के बेताज बादशाह मोहम्मद रफी का जन्म 24 दिसंबर 1924 को पंजाब के कोटला में हुआ। फिल्मी दुनिया में उनके चाहने वाले उन्हें रफ़ी साहब कह कर बुलाते हैं। अपनी आवाज की मधुरता से उन्होंने अपने समकालीन गायकों के बीच एक अलग ही पहचान बनाई। रफी साहब ने भारतीय भाषाओं जैसे असामी, कोंकणी, पंजाबी, उड़िया, मराठी, बंगाली, भोजपुरी के साथ-साथ उन्होंने पारसी, डच, स्पेनिश और इंग्लिश में भी गीत गाए थे। अवार्ड्स की बात करें तो 6 फिल्मफेयर और 1 नेशनल अवार्ड रफी जी के नाम हैं। उन्हें भारत सरकार के द्वारा ‘पद्म श्री’ सम्मान से भी सम्मानित किया जा चुका है।

    इनके कुछ बेहतरीन गीत-

    • ये रेशमी जुल्फें – फिल्म दो राश्ते
    • आजा तुझको पुकारे – फिल्म नील कमल
    • नफरत की दुनिया को – फिल्म हाथी मेरे साथी

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  4. उदित नारायण

    हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के प्रसिद्ध गायक उदित नारायण का जन्म 27 नवम्बर 1955 को बिहार में हुआ, इनके पिता नेपाली थे । उन्होंने हिंदी और नेपाली दोनों ही भाषाओँ में हिट गाने गाये हैं। इनके गीत “पापा कहते हैं बड़ा नाम करेगा” के लिए उन्हें पहली बार सर्वश्रेष्ठ पार्श्वगायक का फिल्मफेयर अवार्ड मिला। उदित नारायण की जादू भरी आवाज ने उन्हें तीन बार नेशनल अवार्ड का खिताब दिलाया है। उदित नारायण अब तक 30 भाषाओं में करीब 15 हजार गाने गा चुके हैं।

    इनके कुछ बेहतरीन गीत-

    • जादू तेरी नज़र – फिल्म डर
    • पापा कहते हैं – फिल्म कयामत से कयामत तक
    • फलक तक चल – फिल्म टशन
    • क्यों किसी को – फिल्म तेरे नाम
    • चाहा है तुझको – फिल्म मन

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  5. सुखविंदर सिंह

    बुलंद आवाज के मालिक सुखविंदर सिंह उर्फ़ सुखी सिंह का जन्म 18 जुलाई 1971 को पंजाब के अमृतसर में हुआ। आठ साल की उम्र से ही उन्होंने स्टेज पर परफॉर्म करना शुरू कर दिया था। सुखविंदर सिंह ने हिंदी सिनेमा में कई हिट गानें दिए। सुखविंदर सिंह को पहला फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ मेल प्लेबैक सिंगर का पुरुस्कार फिल्म दिल से के गाने छैंया-छैंया के लिए मिला था। सुखविंदर सिंह द्वारा गाया हुआ गीत “जय हो” ऑस्कर अकेडमी अवार्ड से भी नवाजा जा चुका है।

    इनके कुछ बेहतरीन गीत-

    • छैयां छैयां - फिल्म दिल से
    • हौले हौले – फिल्म रब ने बना दी जोड़ी
    • दर्द-ए-डिस्को – फिल्म ओम शांति ओम
    • जय हो – फिल्म स्लमडॉग मिलेनियर
    • बंजारा – फिल्म एक था टाइगर
    • बिस्मिल – फिल्म हैदर

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  6. सोनू निगम

    संघर्ष की मिसाल सोनू निगम का जन्म 30 जुलाई 1973 में फरीदाबाद, हरियाणा, में हुआ। उन्होंने अपनी गायकी का करियर 4 साल की उम्र में ही शुरू कर दिया था। उन्होंने संगीत का प्रशिक्षण हिन्दुस्तानी क्लासिकल गायक उस्ताद गुलाम मुस्तफा खान से लिया है। उनके कई भारतीय पॉप एल्बम भी रिलीज हुए हैं और उन्होंने कुछ हिंदी फिल्मों में अभिनेता के तौर पर काम भी किया है। शुरु के कुछ साल सोनू को अपना नाम बनाने के लिए संघर्ष करना पड़ा। उनकी चर्चा 2006 में कन्नड़ की फ़िल्म मुंगारू माले से शुरू हुई, इस फिल्म ने कई पुरस्कार जीते थे। अभी तक उन्होंने लगभग 10 अलग भाषाओँ में 2000 से भी ज्यादा की संख्या में गाने गाये हैं। उन्होंने अपने हर तरह के गाने को गाकर यह प्रमाणित कर दिया है कि कठिन परिश्रम सफलता का मार्ग प्रसस्त करता है।

    इनके कुछ बेहतरीन गीत

    • मैं अगर कहूँ – फिल्मओमशांतिओम
    • इन लम्हों के दामन में – फिल्मजोधाअकबर
    • चोरी कियारे जिया – फिल्मदबंग
    • छोटी छोटी रातें – फिल्मतुमबिन
    • तू मिलादे – फिल्मसावन

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  7. अरिजीत सिंह

    बेस्ट रोमांटिक गानों के लिए मशहूर अरिजीत सिंह का जन्म 25 अप्रैल 1987 को पश्चिम बंगाल, भारत में हुआ। वे हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में आज की जनरेशन के जाने माने भारतीय पाश्र्व गायक और म्यूजिक प्रोग्रामर हैं। अरिजीत सिंह को सफलता इतनी आसानी से नहीं मिली है, इन्होंने इसके लिए कड़ी मेहनत की है। फिल्म “आशिकी- 2” में गाए गए उनके गाने “तुम ही हो” के बाद से वे जाना माना नाम बन गए। इसके लिए उनको 59वां फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कार में बेस्ट मेल सिंगर चुना गया है|

    इनके कुछ बेहतरीन गीत-

    • तुम ही हो – फिल्म आशिकी 2
    • मस्त मगन – फिल्म 2 स्टेट्स
    • यारियाँ – फिल्म कॉकटेल
    • मुस्कुराने की वजह तुम हो – फिल्म सिटी लाइट्स
    • कबीरा – फिल्म ये  जवानीहै दीवानी

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  8. जगजीत सिंह

    बेहतरीन गजल गायकों में जगजीत सिंह का नाम बेहद लोकप्रिय है। मीठी और मधुर आवाज के जादूगर जगमोहन सिंह धीमान (जगजीत सिंह) का जन्म 8 फरवरी 1941 को बीकानेर, भारत में हुआ था। बचपन से उनको संगीत का शौक था। उन्होंने संगीत की शिक्षा उस्ताद जमाल खान और पंडित छगनलाल शर्मा से ली थी। 1965 में बॉलीवुड में सिंगर बनने की तमन्ना लेकर जगजीत मुंबई पहुंचे। उन्होंने कई एलबम में गाने गाए, उनकी जादूई आवाज लोगों के दिलों में उतर गयी। उसके बाद जगजीत सिंह ने कई फिल्मों में भी गाने गाए। 2003 में उन्हें भारत सरकार द्वारा कला के क्षेत्र में पद्दम भूषण से सम्मानित किया गया। 10 अक्टूबर 2011 को जगजीत सिंह इस दुनिया भले ही छोड़ कर चले गए, लेकिन उनकी सदाबहार आवाज में गायी गईं गजलें आज भी लोगों के मन में ताजा हैं।बेहतरीन गजल गायकों में जगजीत सिंह का नाम बेहद लोकप्रिय है। मीठी और मधुर आवाज के जादूगर जगजीत सिंह का जन्म 8 फरवरी 1941 को बीकानेर, भारत में हुआ था। बचपन से उनको संगीत का शौक था। उन्होंने संगीत की शिक्षा उस्ताद जमाल खान और पंडित छगनलाल शर्मा से ली थी। 1965 में बॉलीवुड में सिंगर बनने की तमन्ना लेकर जगजीत मुंबई पहुंचे। उन्होंने कई एलबम में गाने गाए, उनकी जादूई आवाज लोगों के दिलों में उतर गयी। उसके बाद जगजीत सिंह ने कई फिल्मों में भी गाने गाए। 2003 में उन्हें भारत सरकार द्वारा कला के क्षेत्र में पद्दम भूषण से सम्मानित किया गया। 10 अक्टूबर 2011 को जगजीत सिंह इस दुनिया भले ही छोड़ कर चले गए, लेकिन उनकी सदाबहार आवाज में गायी गईं गजलें आज भी लोगों के मन में ताजा हैं।

    इनके कुछ बेहतरीन गीत-

    • होश वालों को खबर – फिल्म सरफरोश
    • कोई फरियाद – फिल्म तुम बिन
    • होठों से छू लो तुम – फिल्म प्रेम गीत
    • चिठ्ठी न कोई संदेश, जाने वो कौन सा देश – फिल्म दुश्मन
    • ये दौलत भी ले लो – एल्बम लाइफ स्टोरी

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  9. मुकेश

    मुकेश चंद माथुर (जुलाई 22, 1923, दिल्ली, भारत - अगस्त 27, 1976), लोकप्रिय तौर पर सिर्फ़ मुकेश के नाम से जाने वाले, हिन्दी सिनेमा के एक प्रमुख पार्श्व गायक थे। मुकेश की आवाज़ बहुत खूबसूरत थी पर उनके एक दूर के रिश्तेदार मोतीलाल ने उन्हें तब पहचाना जब उन्होंने उसे अपनी बहन की शादी में गाते हुए सुना। मोतीलाल उन्हें बम्बई ले गये और अपने घर में रहने दिया। यही नहीं उन्होंने मुकेश के लिए रियाज़ का पूरा इन्तजाम किया। इस दौरान मुकेश को एक हिन्दी फ़िल्म निर्दोष (1941) में मुख्य कलाकार का काम मिला। पार्श्व गायक के तौर पर उन्हें अपना पहला काम 1945 में फ़िल्म पहली नज़र में मिला। मुकेश ने हिन्दी फ़िल्म में जो पहला गाना गाया, वह था दिल जलता है तो जलने दे जिसमें अदाकारी मोतीलाल ने की। इस गीत में मुकेश के आदर्श गायक के एल सहगल के प्रभाव का असर साफ़-साफ़ नज़र आता है। 1959 में अनाड़ी फ़िल्म के ‘सब कुछ सीखा हमने न सीखी होशियारी’ गाने के लिए सर्वश्रेष्ठ पार्श्व गायन का फिल्मफेयर पुरस्कार मिला था। 1974 में मुकेश को रजनीगन्धा फ़िल्म में "कई बार यूँ भी देखा है" गाना गाने के लिए राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार मिला। 1976 में जब वे अमेरीका के डेट्रॉएट शहर में दौरे पर थे, तब उन्हें दिल का दौरा पड़ा और उनकी मृत्यु हो गयी।

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  10. मोहित चौहान

    हिन्दी फिल्म जगत में मुख्यतः उनके रोमांटिक गानों के लिए मशहूर मोहित चौहान का जन्म 11 मार्च 1966 हिमांचल प्रदेश के सिरमौर जिले में हुआ। दिल्ली आकर वहाँ सिल्क रूट नाम का बैंड बनाया, 1996 में इस बैंड का पहला एलबम “बूंद” रिलीज़ हुआ। इस एलबम का एक गीत “डूबा़ डूबा” बहुत हिट हुआ बेहतरीन गायक के तौर पर पहचान बनाने वाले गायक मोहित चौहान अपने करियर में एक्टर बनना चाहते थे। उन्होंने अपने करियर में कई सुपरहिट फिल्मों में शानदार संगीत दिया है। उनको दो बार फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ पार्श्व गायक पुरस्कार भी मिल चुका है।

    इनके कुछ बेहतरीन गीत-

    • तुझे भुला दिया – फिल्म अनजाना अनजानी
    • साड्डा हक़ एत्थे रख – फिल्म रॉकस्टार
    • भीगीसी भागीसी – फिल्म राजनीति
    • मसक्कली – फिल्म दिल्ली 6
    • सैंय्यारा मैं सैंय्यारा – फिल्म एक था टाइगर

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  11. शान

    शान (शांतनु मुखर्जी) का जन्म 30 सितंबर 1972 को मुम्बई, भारत में हुआ। इनके दादाजी जाहर मुखर्जी और पिता मानस मुखर्जी एक संगीतकार थे। इसीलिए शान को संगीत विरासत में मिला है। घर में संगीतमय वातावरण होने के कारण शान का बचपन से ही संगीत की ओर रुझान हो गया था। शान का एल्बम “तन्हा दिल” लोगों के बीच काफी लोकप्रिय हुआ। एलबम्स के अलावा शान ने कई हिंदी बॉलीवुड फिल्मों में गाने गाये। फ़िल्मी दुनिया में शान कड़ी मेहनत कर बॉलीवुड के बेस्ट सिंगर्स में गिने जाते हैं।शान (शांतनु मुखर्जी) का जन्म 30 सितंबर 1972 को मुम्बई, भारत में हुआ। इनके दादाजी जाहर मुखर्जी और पिता मानस मुखर्जी एक संगीतकार थे। इसीलिए शान को संगीत विरासत में मिला है। घर में संगीतमय वातावरण होने के कारण शान का बचपन से ही संगीत की ओर रुझान हो गया था। शान का एल्बम “तन्हा दिल” लोगों के बीच काफी लोकप्रिय हुआ। एलबम्स के अलावा शान ने कई हिंदी बॉलीवुड फिल्मों में गाने गाये। फ़िल्मी दुनिया में शान कड़ी मेहनत कर बॉलीवुड के बेस्ट सिंगर्स में गिने जाते हैं।

    इनके कुछ बेहतरीन गीत-

    • जब से तेरे नैना – फिल्म सांवरिया
    • चाँद सिफारिश – फिल्म फना
    • बहती हवा सा था वो – थ्री इडियट्स
    • हम जो चलने लगे – फिल्म जब वी मेट
    • तन्हा दिल तन्हा सफर – एल्बम

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