
गरुडासन
गरुडासन सीधे खड़े होकर अपने बाऐं पेर को सीधा रखें और दाऐं पेर को बाऐं पेर के घुटने के ऊपर से रखकर दाऐं पेर को बाऐं पेर कि पिंडली के पीछे कस दें तथा अपनें हाथों को आपस में इस प्रकार कसें कि दाऐं हाथ की कोहनी के नीचे से बाऐं हाथ को लगाकर उसे ऊपर बाऐं हाथ के साथ सर्पीलाकार घुमा कर दौनो हाथौं को आपस में मिला लें ।
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गरुडासन को निम्न सूचियों मे शामिल किया गया है :
84 सर्वाधिक लोकप्रिय योग आसनों की सूची
सुविधापूर्वक एक चित और स्थिर होकर बैठने को आसन कहा जाता है। आसन का शाब्दिक अर्थ है – बैठना, बैठने का आधार, बैठने की विशेष प्रक्रिया आदि। पातंजल योगदर्शन में विवृत्त अष्टांगयोग में आसन का स्थान तृतीय एवं गोरक्षनाथादि द्वारा प्रवर्तित षडंगयोग में प्रथम है। चित्त की स्थिरता, शरीर एवं उसके अंगों की दृढ़ता और […]
