भारतीय रेल, एशिया का दूसरा सबसे बड़ा रेल नेटवर्क तथा विश्व का चौथा सबसे बड़ा सरकारी रेल नेटवर्क है। ट्रेनों में चल रही भारी भीड़ और टिकट ना मिलने की परेशानी, भारतीय रेल यात्रियों के लिए ये आम बात है | ऐसी समस्या के समाधान के लिए भारतीय रेल ने ‘प्रीमियम ट्रेन’ चलाना शुरू किया | रेलवे द्वारा चलाई जा रही ‘प्रीमियम ट्रेन’ की खास बात ये है कि इन ट्रेनों के टिकट सिर्फ ऑनलाइन बुक कराए जा सकते हैंतथा इस प्रकार की ट्रेन का किराया आम ट्रेनों से बहुत ज्यादा है | इस ट्रेन में सीट कंफर्म होने की पूरी गारंटी तो होती है लेकिन जैसे जैसे सीट फुल होती जाएंगी वैसे वैसे किराया बढ़ता जाएगा, अर्थात कंफर्म टिकट चाहिए तो किराया भी उसी हिसाब से दीजिये | आमतौर पर हवाई जहाज का किराया भी इसी आधार पर बढ़ता है | इन ट्रेनों में कैटरिंग की सुविधा भी उपलब्ध होती है | ऐसी ट्रेनों मे एसी और नॉन एसी दोनों ही तरह की सर्विस है और ये ट्रेनें अन्य ट्रेनों से ज्यादा तेज भी होती हैं साथ ही  स्टॉप भी कम होता है | तो आइये जानते हैं ऐसी ही सर्वश्रेष्ठ प्रीमियम ट्रेनों के बारे में –

  1. राजधानी एक्सप्रेस

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    https://upload.wikimedia.org/wikipedia/commons/2/24/12309_Rajdhani_Express_-_AC_1st_Class_-_H1.jpg

    राजधानी एक्सप्रेस भारतीय रेल की एक पैसेंजर रेल सेवा है जो भारत की राजधानी दिल्ली को देश के विभिन्न राज्यों की राजधानी को जोड़ता है। सबसे पहले राजधानी एक्सप्रेस की शुरुआत 1969 मे तेज चलने वाली ट्रेन सेवा के रूप में की गयी थी जिसकी गति आम रेलों (70 किलोमीटर/प्रति घंटा) की तुलना में काफी अधिक (140 किलोमीटर /घंटा) रखी गयी थी
    इन रेलों को भारतीय रेल सेवा में उच्च वरीयता वाली श्रेणी में रखा गया है। ये ट्रेनें पूरी तरह वातानुकूलित होती हैं। इसपर सफर करने वाले यात्रियों को सोने के लिए बिस्तरों के साथ साथ भोजन भी दिया जाता है जिसकी लागत किराये में शामिल होती है। प्राय: इन सभी ट्रेनों में तीन श्रेणियाँ होती हैं - प्रथम श्रेणी वाता, जिसमें 2 से 4 बर्थ होते हैं और इन्हें अंदर से कमरे की तरह बंद किया जा सकता है, द्वितीय श्रेणी वाता, जिसमे दोनो तरफ दो दो बर्थ होते हैं और थोड़ी निजता के लिए पर्दे लगे होते हैं, तृतीय श्रेणी वाता, जिसमें दोनो तरफ तीन तीन बर्थ होते हैं और इनमे पर्दे नहीं लगे होते।

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  2. शताब्दी एक्सप्रेस

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    https://hi.wikipedia.org/wiki/%E0%A4%B6%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E0%A4%AC%E0%A5%8D%E0%A4%A6%E0%A5%80_%E0%A4%8F%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%B8#/media/File:InteriorShatabdi.jpg

    शताब्दी एक्सप्रेस रेलगाड़ियाँ तेज चलने वाली सवारी गाड़ियों की एक शृंखला है जिसका परिचालन भारतीय रेल करती है जो भारत के बड़े, महत्वपूर्ण एवं व्यवसायिक शहरों को आपस में जोड़ती है। शताब्दी एक्सप्रेस का परिचालन दिन के समय होता है एवं ये अपने मूलस्थान एवं गंत्व्य की यात्रा एक दिन में ही पूरी कर लेती हैं। शताब्दी एक्सप्रेस 1988 में भारत के पहले प्रधानमंत्री श्री जवाहरलाल नेहरु की जन्म शताब्दी के उपलक्ष्य मे शुरू की गई थी। शताब्दी एक्सप्रेस तत्कालीन रेल मंत्री श्री माधवराव सिंधिया की सोच का नतीजा थीं। पहली शताब्दी एक्सप्रेस को नई दिल्ली से झांसी के बीच शुरु किया गया था जिसे बाद मे बढा़कर भोपाल तक कर दिया गया। अब इस गाडी़ को भोपाल शताब्दी के नाम से जाना जाता है। शताब्दी को कुछ परिस्थितियों मे अन्य रेलगाड़ियों की तुलना में प्राथमिकता दी जाती है और अधिकांश समय ट्रेन स्टेशन के श्रेष्ठ प्लेटफार्म पर आती है।

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  3. दुरन्त एक्सप्रेस

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    https://hi.wikipedia.org/wiki/%E0%A4%A6%E0%A5%81%E0%A4%B0%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%A4_%E0%A4%8F%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B8%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%B8#/media/File:12213_TPR_DEE1_17122017.jpg

    दुरन्त एक्सप्रेस (बांग्ला: দুরন্ত "तुरंत"), भारतीय रेल की लंबी दूरी की गाड़ियों का एक वर्ग है। इन गाड़ियों की विशेषता यह है कि, तकनीकी विरामों को छोड़कर यह स्रोत से गंतव्य तक का सफर बिना रुके (अविराम) तय करती हैं। सभी दुरन्त एक्सप्रेस गाड़ियों को आसानी से उनके विशेष पीले हरे रंग के यात्री डिब्बों (परिच्छद) द्वारा पहचाना जा सकता है। कई दुरन्त एक्सप्रेस सेवायें भारत के महानगरों और प्रमुख राज्यों की राजधानियों के बीच संचालित होती। अधिकतर समय, किन्हीं दो शहरो के बीच दुरन्त एक्सप्रेस गाड़ियां सबसे तेज परिवहन उपलब्ध कराती हैं, हालांकि यह जरूरी नहीं कि यह तथ्य सभी सेवाओं के लिए सच हो।

    भारत सरकार का रेल मंत्रालय पिछले कई वर्षों से भारत में तेजगति की रेल सेवा आरंभ करने का प्रयास कर रहा है। 2007 में, रेल मंत्रालय ने दिल्ली और अमृतसर के बीच एक व्यवहार्यता-पूर्व अध्ययन के लिए 500 किलोमीटर का फ़ासला चुना। दिल्ली-अमृतसर गलियारे के निर्माण में 25,000 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। 19 जनवरी 2009 को, पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने कहा कि उनका मंत्रालय कुछ चुनिंदा मार्गों पर तेज गति की रेल सेवा आरंभ करने के लिए वैश्विक सलाहकार नियुक्त करने की प्रक्रिया शुरु करने जा रहा है। दिल्ली-अमृतसर रेलमार्ग के अतिरिक्त योजना में पुणे-मुंबई-अहमदाबाद, हैदराबाद-दोरनाकल-विजयवाड़ा-चेन्नई, चेन्नई-बंगलौर-कोयम्बटूर-एरणाकुलम और हावड़ा-हल्दिया भी शामिल हैं, हालाँकि भारत में तेज गति की रेल सेवायें अपने निर्माण में एक लंबा समय लेंगी। इस बीच, भारत की नयी रेल मंत्री ममता बनर्जी ने 2009-10 के भारतीय रेल बजट में अविराम दुरन्त एक्सप्रेस गाड़ियों की घोषणा कर भारत में तेज गति की रेल सेवा आरंभ करने की दिशा में पहला कदम बढ़ाया।

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  4. गरीब रथ एक्सप्रेस

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    https://hi.wikipedia.org/wiki/%E0%A4%97%E0%A4%B0%E0%A5%80%E0%A4%AC_%E0%A4%B0%E0%A4%A5_%E0%A4%8F%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B8%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%B8#/media/File:Muzaffarpur_Anand_Vihar_Terminal_Garib_Rath_Express_at_Muzaffarpur_Junction.jpg

    गरीब रथ एक्सप्रेस भारतीय रेल की चलाई हुई एक प्रकार की कम किराये वाली वातानुकूलित रेलगाड़ियां हैं। इनका उद्देश्य है, कि कम व्यय करने वाले लोग भी वातानुकूलित गाड़ियों का लाभ उठा सकें। 5 अक्टूबर 2006 को सबसे पहली बार यह ट्रेन पटरी पर दौड़ी |

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  5. संपर्क क्रांति एक्स्प्रेस

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    https://hi.wikipedia.org/wiki/%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%AA%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%95_%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A4%BF_%E0%A4%8F%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%B8#/media/File:Karnataka_Sampark_Kranti_Express_1.jpg

    संपर्क क्रांति एक्स्प्रेस भारतीय रेल द्वारा संचालित रेलगाड़ियाँ हैं। ये गाड़ियां भारत की राजधानी दिल्ली से [[राज्यों की राजधानियों तक जाती हैं। इन गाड़ियों में गंतव्य राज्य के सिवाय रास्ते के अन्य राज्य के स्टेशनों के टिकट उपलब्ध नहीं होते हैं। इसकी अधिकतम गति 110 किमी/ घंटा है | 8 फरवरी 2004 को सर्वप्रथम इस श्रेणी की रेलगाड़ियों ने पटरी पर दौड़ना शुरू किया |

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  6. हमसफर एक्सप्रेस

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    16 दिसम्बर 2016 को लांच की गयी हमसफर एक्सप्रेस पूरी तरह से 3 टीयर एसी के डिब्बों वाली रेलगाड़ियां हैं। पहली हमसफर एक्सप्रेस गोरखपुर से चलायी जाएगी। इस ट्रेनों में कॉफी, चाय या सूप की वेंडिंग मशीनें लगी होंगी। इसके अलावा रेफ्रिजरेटेड और गर्म पैंट्री कार होगी और खादी की चादर एवं कचरापेटी जैसी अन्य सुविधाएं होंगी।
    हमसफर के एक कोच की लागत 2.6 करोड़ रपये हैं। इन कोचों में सीसीटीवी कैमरा, जीपीएस आधारित यात्री जानकारी प्रणाली, आग और धुंआ पकड़ने का यंत्र, मोबाइल एवं लैपटॉप चार्जिंग इत्यादि सुविधाएं होंगी।

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  7. तेजस एक्सप्रेस

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    तेजस एक्सप्रेस आधुनिक सुविधाओं वाली माध्यम तेज गति वाली भारतीय रेल की ट्रेन है। इसकी अधिकतम गति 180 किमी है। लेकिन अभी वर्तमान में ये 56 किमी की रफ़्तार से चल रही हैl इसका निर्माण रेल कोच फैक्ट्री, कपूरथला में हुआ है। पहली तेजस मुंबई और गोवा के बीच 22 मई को रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने हरी झंडी दिखाई। 20 डिब्बों वाली ये देश की पहली ट्रेन हैं जिसके सभी डिब्बों में स्वचालित दरवाजे हैं। साथ ही हर डिब्बे में चाय व कोफ़ी की वेंडिंग मशीन लगी है, प्रत्येक सीट पर एलसीडी स्क्रीन और वाई-फाई की सुविधा है। तेजस में जानेमाने शेफ द्वारा तैयार मनपसंद खाना परोसा जाएगा। ट्रेन में पानी की कम खपत वाले बायो-वैक्यूम शौचालय हैं। शौचालय में टचलेस पानी का नल, साबुन डिस्पेंसर और हाथ सुखाने की मशीन लगाईं गई है।

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