नाममात्र सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के संदर्भ में, अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के अनुसार भारत दुनिया की सातवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। भारत में काम करने वाली प्रत्येक कंपनी, चाहे वह भारतीय हो या गैर-भारतीय, अपने उत्पादों या सेवाओं के माध्यम से प्रदान की जाने वाली गुणवत्ता और ग्राहक संतुष्टि के आधार पर दिन-प्रतिदिन बेहतर पाने के लिए कड़ी मेहनत करती है। एक कंपनी का मूल्यांकन आम तौर पर परिसंपत्तियों, बिक्री, लाभ, बाजार मूल्य और बाजार हिस्सेदारी / पूंजीकरण जैसे विभिन्न मापदंडों पर किया जाता है और इस प्रकार तदानुसार रैंकिंग दी जाती है।

यहाँ बाजार पूंजीकरण के अनुसार भारत की शीर्ष 10 कंपनियों की सूची दी गई है:

सूची बिना किसी क्रम के है |

  1. टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज

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    टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज Tata Consultancy Services

    टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेस लिमिटेड (टीसीएस) एक भारतीयबहुराष्ट्रीय कम्पनी सॉफ्टवेर सर्विसेस एवं कंसल्टिंग कंपनी है। यह दुनिया की सबसे बड़ी सूचना तकनीकी तथा बिज़नस प्रोसेस आउटसोर्सिंग सेवा प्रदाता कंपनियों में से है। साल 2007 में, इसे एशिया की सबसे बड़ी सूचना प्रोद्योगिकी कंपनी आँका गया। भारतीय आई टी कंपनियों की तुलना में टीसीएस के पास सबसे अधिक कर्मचारी हैं। टीसीएस के 44 देशों में 2,54,000 कर्मचारी हैं। 31 मार्च 2012 को ख़त्म होने वाले वित्तीय वर्ष में कंपनी ने 10.17 अरब अमेरिकी डॉलर का समेकित राजस्व हासिल किया। टीसीएस भारत के नेशनल स्टॉक एक्सचेंज तथा बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध कंपनी है।

    टीसीएस एशिया की सबसे बड़ी कंपनी समूह में से एक टाटा समूह का एक हिस्सा है। टाटा समूह ऊर्जा, दूरसंचार, वित्तीय सेवाओं, निर्माण, रसायन, इंजीनियरिंग एवं कई तरह के उत्पाद बनाता है।
    वित्त वर्ष 2009-10 में कंपनी का मुनाफा 33.19% बढ़कर 7,000.64 करोड़ रुपये हो गया। इस दौरान कंपनी की आमदनी करीब 8% बढ़कर 30,028.92 करोड़ रुपये हो गयी। अप्रैल 2018 में, टीसीएस बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज में अपनी एम-कैप 6,79,332.81 करोड़ रुपये (102.6 अरब डॉलर) के बाद 100 अरब डॉलर के बाजार पूंजीकरण करने वाली पहली भारतीय आईटी कंपनी बन गई, और दूसरी भारतीय कंपनी (रिलायंस इंडस्ट्रीज ने 2007 में इसे हासिल करने के बाद)।

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  2. तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम लिमिटेड

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    तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम लिमिटेड

    ऑयल एण्ड नैचुरल गैस कॉर्पोरेशन लिमिटेड (ओएनजीसी) 23 जून 1993 से प्रारंभ हुई एक भारतीय सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम कंपनी है। इसे फॉर्च्यून ग्लोबल 500 द्वारा 335 वें स्थान पर रखा गया है। यह भारत मे कच्चे तेल के कुल उत्पादन मे 77% और गैस के उत्पादन मे 81% का योगदान करती है। यह सार्वजनिक क्षेत्र की सबसे अधिक लाभ अर्जित करने वाली कंपनी है। इसे 14 अगस्त 1956 को एक आयोग के रूप में स्थापित किया गया था। इस कंपनी में भारत सरकार की कुल इक्विटी हिस्सेदारी 74.14% है। ओएनजीसी कच्चे तेल के अन्वेषण और उत्पादन गतिविधियों में संलिप्त है। इसकी हाइड्रोकार्बन के अन्वेषण और उत्पादन गतिविधियों भारत के 26 तलछटी बेसिनों में चल रही हैं। यह भारत के कच्चे तेल की कुल आवश्यकता का लगभग 30% उत्पादन करती है। इसके स्वामित्व मे एक 11000 किलोमीटर लम्बी पाइपलाइन है जिसका परिचालन यह स्वंय करती है। मार्च 2007 तक यह मार्केट कैप के संदर्भ में यह भारत की सबसे बड़ी कंपनी थी।

    ओएनजीसी की स्थापना 14 अगस्त 1956 को भारत सरकार द्वारा की गई थी। यह भारत के 26 तलछटी घाटियों में हाइड्रोकार्बन की खोज और दोहन के लिए शामिल है, और देश में 11,000 किलोमीटर से अधिक पाइपलाइनों का मालिक है और इसका संचालन करता है। इसकी अंतर्राष्ट्रीय सहायक ओएनजीसी विदेश में वर्तमान में 17 देशों में परियोजनाएं हैं।

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  3. रिलायंस इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड

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    रिलायंस इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड

    रिलायंस की स्थापना 1966 में भारतीय उद्योगपति धीरूभाई अंबानी द्वारा की गयी थी। अंबानी एक ऐसे मार्ग दर्शक रहे जिन्होंने भारतीय शेयर बाज़ार को वितीय लिखित जैसी पूर्ण परिवर्तनीय डिबेन्चर से परिचित कराया. अंबानी उन पहले उद्यमियों में से एक थे जिन्होंने खुदरा निवेशकों को शेयर बाज़ार की ओर आकर्षित किया। आलोचकों का आरोप है कि बाज़ार पूंजीकरण के सम्बन्ध में रिलायंस इंडस्ट्रीज़ की उन्नति को सर्वोच्च स्थान पर लाने का श्रेय बड़े पयमाने पर धीरुभाई की चालाकी से काम निकलवाने की क्षमता को जाता है जिससे वह नियंत्रित अर्थव्यवस्था को अपने लाभ के लिए इस्तेमाल करते थे। यद्यपि कंपनी का मूल व्यवसाय तेल से संबंधित व्यापार है, लेकिन हाल के वर्षों में कंपनी ने विविध व्यापारों में अपने हाथ आज़माएं हैं। संस्थापक के दोनों बेटों मुकेश अंबानीऔर अनिल अंबानी के बीच गहरे मतभेद होने की वजह से 2006 में समूह को दोनों के बीच विभाजित कर दिया गया। सितम्बर 2008 में, रिलायंस इंडस्ट्रीज़ अकेली ऐसी भारतीय कंपनी थी जिसे फोर्ब्स की "दुनिया की 100 सबसे सम्मानित कंपनियों" की सूची में शामिल किया गया था।

    आरआईएल बाजार पूंजीकरण के आधार पर भारत की दूसरी सबसे बड़ी सार्वजनिक रूप कारोबार करने वाली कंपनी है एवं राजस्व के मामले में यह इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के बाद भारत की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी है। 2013 के रूप में, यह कंपनी फॉर्च्यून ग्लोबल 500 सूची के अनुसार दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियों में 99वें स्थान पर है। 18 अक्टूबर 2007 को, रिलायंस इंडस्ट्रीज $ 100 बिलियन बाजार पूंजीकरण करने वाली पहली भारतीय कंपनी बन गई। आरआईएल भारत के कुल निर्यात में लगभग 14% का योगदान देती है। 2019 February 14th को भारत में पुलवामा हमले में हुए शाहिद परिवारों की बहुत बड़ी मुश्किल घड़ी में सभी परिवार की सहायता की हैं।

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  4. एचडीएफसी बैंक

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    एचडीएफसी बैंक

    एचडीएफसी बैंक भारत का एक प्रमुख बैंक है। मुंबई, भारत में इसकी स्थापना अगस्त 1994 में की गयी थी। एचडीएफसी बैंक ने जनवरी 1995 में एक अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक के रूप में कार्य शुरू किया। मोबाइल बैंकिंग भी हिंदी में उपलब्ध है। इसके शाखाओं की अधिकतम संख्या मुंबई और नई दिल्ली में हैं। एचडीएफसी बैंक को 1994 में मुंबई, महाराष्ट्र, भारत में पंजीकृत कार्यालय के साथ शामिल किया गया था। इसके पहले कॉर्पोरेट कार्यालय और सैंडोज़ हाउस, वर्ली में एक पूर्ण सेवा शाखा का उद्घाटन तत्कालीन केंद्रीय वित्त मंत्री मनमोहन सिंह ने किया था। 30 जून, 2019 तक, बैंक का वितरण नेटवर्क 2,764 शहरों में 5500 शाखाओं पर था। बैंक ने 4.30 लाख पीओएस टर्मिनल भी स्थापित किए और वित्त वर्ष 2017 में 235.7 लाख डेबिट कार्ड और 1.2 करोड़ क्रेडिट कार्ड जारी किए। 23 मई 2008 को भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा एचडीएफसी बैंक तथा सेंचुरियन बैंक ऑफ पंजाब (सीबीओपी) के विलय को मंज़ूरी दे दी। निवेशकों को सीबीओपी के 29 शेयरों के बदले एचडीएफसी बैंक का एक शेयर मिला। दिसंबर 2013 तक इस बैंक की 2,104 शहरों में कुल 3,336 शाखाएँ तथा 11,473 एटीएम कार्यरत थीं।

    एचडीएफसी बैंक ने 6 दिसम्बर 2013 को 709 स्थानों पर 1,115 रक्तदान कैंप लगाए गए जिनमें 61,902 लोगों द्वारा रक्तदान किया गया जो कि गिनीज़ बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में शामिल किया गया।


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  5. आई.टी.सी. लिमिटेड

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    आई. टी.सी. लिमिटेड (पूर्व नाम: इम्पीरियल टोबैको कंपनी), भारत में एक तंबाकू कंपनी है। 1910 में अंग्रेजी तंबाकू कंपनी इम्पीरियल ने इसका गठन किया था। इसका टर्न ओवर $ 4.75 बिलियन है। यह भारत की निजी कंपनियों में कर-पूर्व लाभ की दृष्टि से दूसरे स्थान पर आती है। 2013 के अनुसार इसके लाभ का 30.54% हिस्सा इम्पीरियल टोबैको के पास है।

    आईटीसी लिमिटेड एक भारतीय बहुराष्ट्रीय समूह की कंपनी है जिसका मुख्यालय कोलकाता, पश्चिम बंगाल में है। 1910 में 'इंपीरियल टोबैको कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड' के रूप में स्थापित, कंपनी का नाम बदलकर 1970 में 'इंडिया टोबैको कंपनी लिमिटेड' कर दिया गया और बाद में 'आई.टी.सी.' लिमिटेड '1974 में। कंपनी के नाम को' ITC लिमिटेड 'के रूप में नामांकित करने के लिए सितंबर 2001 में हटा दिए गए, जहां' ITC 'अब एक इनिशियलिज़्म नहीं होगा। कंपनी ने 2010 में 100 साल पूरे किए और 2012–13 तक, इसका वार्षिक कारोबार US $ 8.31 बिलियन और बाजार पूंजीकरण US $ 52 बिलियन था। यह भारत भर में 60 से अधिक स्थानों पर 30,000 से अधिक लोगों को रोजगार देता है और फोर्ब्स 2000 की सूची का हिस्सा है।

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  6. कोल इण्डिया लिमिटेड

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    कोल इण्डिया लिमिटेड

    कोल इंडिया लिमिटेड, एक भारत का सार्वजनिक प्रतिष्ठान है। यह भारत और विश्व में भी सबसे बड़ी कोयला खनन कंपनी है। यह भारत सरकार के पूर्ण स्वामित्व वाली कंपनी है, जो कोयला मंत्रालय, भारत सरकार के अधीनस्थ है। यह कोयला खनन एवं उत्पादन में लगी कंपनी है। यह अनुसूची 'ए' ‘नवरत्न’ सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम है। इसका मुख्यालय कोलकाता, पश्चिम बंगाल में स्थित है। 31 मार्च 2010 तक इसके संचालन में भारत के आठ राज्यों के 21 प्रमुख कोयला खनन क्षेत्रों के 471 खान थे, जिनमें 273 भूमिगत खान, 163 खुली खान और 35 मिश्रित खान (भूमिगत और खुली खानों का मिश्रण) शामिल थे | हम 17 कोयला परिष्करण सुविधाओं का भी संचालन कर रहे थे, जिनका समग्र फीडस्टॉक क्षमता सालाना 39.40 मिलियन टन की है | हमारा इरादा है इसके अतिरिक्त सालाना 111.10 मिलियन टन की समग्र फीडस्टॉक क्षमता के 20 और कोयला परिष्करण सुविधाओं का विकास करना | इस के अलावा हमने 85 अस्पतालों और 424 औषधालयों के सेवाएं भी प्रदान किये |

    इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ कोल मैनजमेंट (आई.आई.सी.एम.) सी.आई.एल. के तहत संचालित है और अधिकारियों के लिए विभिन्न बहु–अनुशासनात्मक प्रबंधन विकास कार्यक्रम प्रदान करता है| कोल इंडिया के प्रमुख उपभोक्ता बिजली और इस्पात क्षेत्र हैं | अन्य क्षेत्रों में सीमेंट, उर्वरक, ईंट भट्टे और विभिन्न लघु उद्योग शामिल हैं | हम तरह तरह के अनुप्रयोगों के लिए विभिन्न ग्रेड के कोकिंग और गैर कोकिंग कोयले का उत्पादन करते है |

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  7. इन्फोसिस लिमिटेड

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    इन्फोसिस लिमिटेड, एक बहुराष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी सेवा कंपनी मुख्यालय है जो बेंगलुरु, भारत में स्थित है। यह एक भारत की सबसे बड़ी आईटी कंपनियों में से एक है जिसके पास 30 जून 2008 को (सहायकों सहित) 94,379 से अधिक पेशेवर हैं। इसके भारत में 9 विकास केन्द्र हैं और दुनिया भर में 30 से अधिक कार्यालय हैं। वित्तीय वर्ष 2007-2008 के लिए इसका वार्षिक राजस्व US$4 बिलियन से अधिक है, इसकी बाजार पूंजी US$30 बिलियन से अधिक है।

    इन्फोसिस की स्थापना 2 जुलाई, 1981 को पुणे में एन आर नारायण मूर्ति के द्वारा की गई। इनके साथ और छह अन्य लोग थे: नंदन निलेकानी, एनएसराघवन, क्रिस गोपालकृष्णन, एस डी.शिबुलाल, के दिनेश और अशोक अरोड़ा, राघवन के साथ आधिकारिक तौर पर कंपनी के पहले कर्मचारी.मूर्ति ने अपनी पत्नी सुधा मूर्ति (Sudha Murthy) से 10,000 आई एन आर लेकर कम्पनी की शुरुआत की। कम्पनी की शुरुआत उत्तर मध्य मुंबई में माटुंगा में राघवन के घर में "इन्फोसिस कंसल्टेंट्स प्रा लि" के रूप में हुई जो एक पंजीकृत कार्यालय था। 2001 में इसे बिजनेस टुडे के द्वारा "भारत के सर्वश्रेष्ठ नियोक्ता " की श्रेणी में रखा गया। इन्फोसिस ने वर्ष 2003, 2004 और 2005, के लिए ग्लोबल मेक (सर्वाधिक प्रशंसित ज्ञान एंटरप्राइजेज) पुरस्कार जीता। यह पुरस्कार जीतने वाली यह एकमात्र कम्पनी बन गई और इसके लिए इसे ग्लोबल हॉल ऑफ फेम में प्रोत्साहित किया गया।

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  8. सन फार्मास्युटिकल इण्डस्ट्रीज लिमिटेड

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    Sun Pharmaceutical Industries Limited

    सन फार्मास्युटिकल इंडस्ट्रीज लिमिटेड, एक भारतीय बहुराष्ट्रीय दवा कंपनी है, जिसका मुख्यालय मुंबई, महाराष्ट्र में है जो मुख्य रूप से भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका में फार्मास्युटिकल फॉर्मुलेशन और सक्रिय फार्मास्युटिकल अवयव (एपीआई) बनाती है और बेचती है। कंपनी विभिन्न चिकित्सीय क्षेत्रों, जैसे कि कार्डियोलॉजी, मनोचिकित्सा, न्यूरोलॉजी, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी और डायबेटोलॉजी में योग प्रस्तुत करती है। यह वारफारिन, कार्बामाज़ेपाइन, एटोडोलैक, और क्लोराज़ेपेट जैसे एपीआई और साथ ही साथ एंटी-कैंसर, स्टेरॉयड, पेप्टाइड्स, सेक्स हार्मोन और नियंत्रित पदार्थ भी प्रदान करता है।

    सन फार्मास्युटिकल्स की स्थापना श्री दिलीप शांघवी द्वारा 1983 में वापी, गुजरात में मनोचिकित्सा बीमारियों के इलाज के लिए पांच उत्पादों के साथ की गई थी। कार्डियोलॉजी उत्पादों को 1987 में गैस्ट्रोएंटरोलॉजी उत्पादों द्वारा 1989 में पेश किया गया था। आज, यह भारत में सबसे बड़ी क्रॉनिक प्रिस्क्रिप्शन कंपनी है और मनोरोग, न्यूरोलॉजी, कार्डियोलॉजी, आर्थोपेडिक्स, नेत्र विज्ञान, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी और नेफ्रोलॉजी में एक मार्केट लीडर है। रैनबैक्सी के 2014 के अधिग्रहण ने कंपनी को भारत में सबसे बड़ी फार्मा कंपनी, अमेरिका में सबसे बड़ी भारतीय फार्मा कंपनी, और वैश्विक रूप से 5 वीं सबसे बड़ी विशिष्ट जेनेरिक कंपनी बना दिया है।

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  9. भारतीय स्टेट बैंक

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    SBI

    स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, भारत की सबसे बड़ी एवं सबसे पुरानी बैंक है। 2 जून 1806 को कलकत्ता में 'बैंक ऑफ़ कलकत्ता' की स्थापना हुई थी। तीन वर्षों के पश्चात इसको चार्टर मिला तथा इसका पुनर्गठन बैंक ऑफ़ बंगाल के रूप में 2 जनवरी 1809 को हुआ। यह अपने तरह का अनोखा बैंक था जो स्टॉक पर ब्रिटिश भारत तथा बंगाल सरकार द्वारा चलाया जाता था। बैंक ऑफ़ बॉम्बे तथा बैंक ऑफ़ मद्रास की शुरुआत बाद में हुई। ये तीनों बैंक आधुनिक भारत के प्रमुख बैंक तब तक बने रहे जब तक कि इनका विलय इंपिरियल बैंक ऑफ़ इंडिया में 28 जनवरी 1921 को नहीं कर दिया गया। सन 1941 में पहली पंचवर्षीय योजना की नींव डाली गई जिसमें गांवों के विकास पर जोर डाला गया था। इस समय तक इंपिरियल बैंक ऑफ़ इंडिया का कारोबार सिर्फ़ शहरों तक सीमित था। भारतीय स्टेट बैंक, जिसका मुख्यालय मुंबई, महाराष्ट्र में है। 2019 की दुनिया के सबसे बड़े कारपोरेशन की फॉर्च्यून ग्लोबल 500 सूची में एसबीआई को 236 वें स्थान पर रखा गया है।

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  10. हिंदुस्तान युनिलिवर लिमिटेड

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    hindustan uniliver

    हिंदुस्तान युनिलिवर लिमिटेड एक इंग्लैंड की कंपनी यूनीलीवर का एक भाग है, जो भारत में व्यापार करने के लिए यूनीलीवर ने भारत में रजिस्टर कराया। इसका मुख्यालय लंदन, इंग्लैंड में हैं। इसका भारत में मुख्य कार्यालय मुम्बई में है। इसका 67% लाभ इंग्लैंड में जाता है। एचयूएल की स्थापना 1933 में लीवर ब्रदर्स के रूप में हुई थी और 1956 में इसका नाम बदलकर हिंदुस्तान लीवर लिमिटेड कर दिया गया था। जून 2007 में कंपनी का नाम बदलकर "हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड" कर दिया गया। HUL भारतीय उपभोक्ता उत्पादों में 20 से अधिक उपभोक्ता जैसे साबुन, चाय, डिटर्जेंट और शैंपू के साथ 700 मिलियन से अधिक भारतीय उपभोक्ताओं के साथ अपने उत्पादों का उपयोग कर बाजार में है।

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