1. सर्वेपल्लि राधाकृष्णन Sarvepalli Radhakrishnan

    इनका पहला कार्यकाल 13 मई 1952 से  12 मई  1957 रहा| 

    डॉ॰ सर्वपल्ली राधाकृष्णन (तमिल: சர்வபள்ளி ராதாகிருஷ்ணன்; 5 सितम्बर 1888 – 17 अप्रैल 1975) भारत के प्रथम उप-राष्ट्रपति (1952 - 1962) और द्वितीय राष्ट्रपति रहे। वे भारतीय संस्कृति के संवाहक, प्रख्यात शिक्षाविद, महान दार्शनिक और एक आस्थावान हिन्दू विचारक थे। उनके इन्हीं गुणों के कारण सन् 1954 में भारत सरकार ने उन्हें सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न से अलंकृत किया था। उनका जन्मदिन (5 सितम्बर) भारत में शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है।

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  2. सर्वेपल्लि राधाकृष्णन

    सर्वेपल्लि राधाकृष्णन Sarvepalli Radhakrishnan

    इनका दूसरा  कार्यकाल 13 मई 1957 से  12 मई  1962 रहा| 

    डॉ॰ सर्वपल्ली राधाकृष्णन (तमिल: சர்வபள்ளி ராதாகிருஷ்ணன்; 5 सितम्बर 1888 – 17 अप्रैल 1975) भारत के प्रथम उप-राष्ट्रपति (1952 - 1962) और द्वितीय राष्ट्रपति रहे। वे भारतीय संस्कृति के संवाहक, प्रख्यात शिक्षाविद, महान दार्शनिक और एक आस्थावान हिन्दू विचारक थे। उनके इन्हीं गुणों के कारण सन् 1954 में भारत सरकार ने उन्हें सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न से अलंकृत किया था। उनका जन्मदिन (5 सितम्बर) भारत में शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है।

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  3. ज़ाकिर हुसैन (राजनीतिज्ञ)

    ज़ाकिर हुसैन (राजनीतिज्ञ) Zakir Husain (politician)

    इनका पहला कार्यकाल 13 मई 1962 से  12 मई  1967 रहा| 

    डाक्टर ज़ाकिर हुसैन (8 फरवरी, 1897 - 3 मई, 1969) भारत के तीसरे राष्ट्रपति थे जिनका कार्यकाल 13 मई 1967 से 3 मई 1969 तक था।
    डा. ज़ाकिर हुसैन का जन्म 8 फ़रवरी, 1897 ई. में हैदराबाद, आंध्र प्रदेश के धनाढ्य पठान परिवार में हुआ था। कुछ समय बाद इनके पिता उत्तर प्रदेश में रहने आ गये थे। केवल 23 वर्ष की अवस्था में वे 'जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय' की स्थापना दल के सदस्य बने। जाकिर हुसैन भारत के तीसरे राष्ट्रपति तथा प्रमुख शिक्षाविद थे। वे अर्थशास्त्र में पीएच. डी की डिग्री के लिए जर्मनी के बर्लिन विश्वविद्यालय गए और लौट कर जामिया के उप कुलपति के पद पर भी आसीन हुए। 1920 में उन्होंने जामिया मिलिया इस्लामिया की स्थापना में योग दिया तथा इसके उपकुलपति बने। इनके नेतृत्व में जामिया मिलिया इस्लामिया का राष्ट्रवादी कार्यों तथा स्वाधीनता संग्राम की ओर झुकाव रहा। स्वतन्त्रता प्राप्ति के पश्चात वे अलीगढ़ विश्वविद्यालय के उपकुलपति बने तथा उनकी अध्यक्षता में ‘विश्वविद्यालय शिक्षा आयोग’ भी गठित किया गया। इसके अलावा वे भारतीय प्रेस आयोग, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग, यूनेस्को, अन्तर्राष्ट्रीय शिक्षा सेवा तथा केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से भी जुड़े रहे। 1962 ई. में वे भारत के उपराष्ट्रपति बने। उन्हें वर्ष 1963 मे भारत रत्न से सम्मानित किया गया। 1969 में असमय देहावसान के कारण वे अपना राष्ट्रपति कार्यकाल पूरा नहीं कर सके।
    डॉ॰ जाकिर हुसैन भारत में आधुनिक शिक्षा के सबसे बड़े समर्थकों में से एक थे और उन्होंने अपने नेतृत्व में जामिया मिलिया इस्लामिया के नाम से एक केन्द्रीय विश्वविद्यालय के रूप में नई दिल्ली में मौजूद को स्थापित किया, जहाँ से हजारों छात्र प्रत्येक वर्ष अनेक विषयों में शिक्षा ग्रहण करते हैं। डॉ॰ जाकिर हुसैन ने बिहार के राज्यपाल के रूप में भी सेवा की थी और इसके बाद वे अपना राजनीतिक कैरियर समाप्त होने से पहले वे देश के उपराष्ट्रपति रहे तथा बाद में वे भारत के तीसरे राष्ट्रपति भी बने।

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  4. वराहगिरी वेंकट गिरी

    वराहगिरी वेंकट गिरी Varahagiri Venkata Giri

    इनका पहला कार्यकाल 13 मई 1967 से  3 मई  1969 रहा| 

    वराहगिरी वेंकट गिरी या वी वी गिरी (10 अगस्त 1894 - 24 जून 1980) भारत के तीसरे उपराष्ट्रपति एवं चौथे राष्ट्रपति थे। उनका जन्म ब्रह्मपुर, ओड़िशा में हुआ था। उन्हें 1975 में भारत के सर्वोच्च नागरिक अलंकरण भारत रत्न से सम्मानित किया गया।

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  5. गोपाल स्वरूप पाठक

    गोपाल स्वरूप पाठक Gopal Swarup Pathak

    इनका पहला कार्यकाल 31 अगस्त 1969 से  30 अगस्त   1974रहा| 

    गोपाल स्वरूप पाठक पूर्व भारत के उपराष्ट्रपति थे। इनका जन्म 24  फरबरी 1896 में हुआ था | यह भारत के चौथे उपराट्रपति बने थे सन 1969 में  और इनकी मृत्यु 4 अक्टूबर 1982 में हो गयी | 26 फरवरी 1896 को उत्तर प्रदेश के बरेली में जन्मे ,गोपाल ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय में कानून की पढ़ाई की थी |

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  6. बासप्पा दनप्पा जत्ती

    बासप्पा दनप्पा जत्ती B. D. Jatti

    इनका पहला कार्यकाल 31 अगस्त 1974 से  30 अगस्त 1979 रहा| 

    बी डी जत्ती (10 सितंबर 1913 – 7 जून 2002) भारत के उपराष्ट्रपति थे। उनका कार्यकाल 31 अगस्त 1974 से 30 अगस्त 1979 तक पाच सालोंका रहा। 1977 में राष्ट्रपति फ़ख़रुद्दीन अली अहमद के निधन के बाद छह माह (11 फरवरी से 25 जुलाई) तक जत्ती भारत के कार्यवाहक राष्ट्रपति थे। 7 जून 2002 को बंगलोर में उनकि मृत्यु हो गई जब वे 88 साल के थे।

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  7. मुहम्मद हिदायतुल्लाह

    मुहम्मद हिदायतुल्लाह (1905–1992) Mohammad Hidayatullah  (1905–1992)

    इनका पहला कार्यकाल 31 अगस्त 1979 से  30 अगस्त 1984 रहा| 

    मुहम्मद हिदायतुल्लाह, (17 दिसम्बर 1905 - 18 सितंबर 1992) भारत के पहले मुस्लिम मुख्य न्यायाधीश थे।ये मध्यप्रदेश के प्रथम न्यायधीश भी रहे तथा उन्होंने दो अवसरों पर भारत के कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में भी कार्यभार संभाला था।[1] इसके साथ ही वो एक पूरे कार्यकाल के लिए भारत के छठे उपराष्ट्रपति भी रहे। नया रायपुर में स्थित हिदायतुल्लाह राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय का नाम उनके नाम पर रखा गया है।

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  8. रामस्वामी वेंकटरमण

    Ramaswamy Venkataraman - रामस्वामी वेंकटरमण

    इनका पहला कार्यकाल 31 अगस्त 1984 से  24 जुलाई 1987 रहा| 

    रामस्वामी वेंकटरमण, (रामास्वामी वेंकटरमन, रामास्वामी वेंकटरामण या रामास्वामी वेंकटरमण)(4 दिसंबर 1910-27 जनवरी 2009) भारत के 8वें राष्ट्रपति थे। वे 1987 से 1992 तक इस पद पर रहे। राष्ट्रपति बनने के पहले वे 4 वर्षों तक भारत के उपराष्ट्रपति रहे। मंगलवार को 27 जनवरी को लंबी बीमारी के बाद उनका निधन हो गया। वे 18 वर्ष के थे। राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री समेत देश भर के अनेक राजनेताओं ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने 2:30 बजे दिल्ली में सेना के रिसर्च एंड रेफरल हॉस्पिटल में अंतिम साँस ली। उन्हें मूत्राशय में संक्रमण (यूरोसेप्सिस) की शिकायत के बाद विगत 12 जनवरी को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वे साँस संबंधी बीमारी से भी पीड़ित थे। उनका कार्यकाल 1987 से 1992 तक रहा। राष्ट्रपति पद पर आसीन होने से पूर्व वेंकटरमन करीब चार साल तक देश के उपराष्ट्रपति भी रहे।

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  9. शंकरदयाल शर्मा

    Shankar Dayal Sharma - शंकरदयाल शर्मा

    इनका पहला कार्यकाल 03 सितम्बर 1987 से  24 जुलाई 1992 रहा| 

    डॉ शंकरदयाल शर्मा , (19 अगस्त 1918- 26 दिसंबर 1999) भारत के नवें राष्ट्रपति थे। इनका कार्यकाल 25 जुलाई 1992 से 25 जुलाई 1997 तक रहा। राष्ट्रपति बनने से पूर्व आप भारत के आठवे उपराष्ट्रपति भी थे, आप भोपाल राज्य के मुख्यमंत्री (1952-1956) रहे तथा मध्यप्रदेश राज्य में कैबिनेट स्तर के मंत्री के रूप में उन्होंने शिक्षा, विधि, सार्वजनिक निर्माण कार्य, उद्योग तथा वाणिज्य मंत्रालय का कामकाज संभाला था। केंद्र सरकार में वे संचार मंत्री के रूप में (1974-1977) पदभार संभाला। इस दौरान भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष (1972-1974) भी रहे।

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  10. कोच्चेरील रामन नारायणन

    K. R. Narayanan - कोच्चेरील रामन नारायणन

    इनका पहला कार्यकाल 21 अगस्त 1992 से  24 जुलाई 1997 रहा| 

    केरल में जन्मे कोच्चेरी रामण नारायणन (के आर नारायण) भारत के दसवें राष्ट्रपति थे। आपने त्रावणकोर विश्वविद्यालय से अंग्रेज़ी में स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त करने के बाद लंदन स्कूल ऑफ इकोनोमिक्स में अर्थशास्त्र का अध्ययन किया। आपकी गणना भारत के कुशल राजनीतिज्ञों में की जाती है। आपका कार्यकाल भारत की राजनीति में गुजरने वाली विभिन्न अस्थिर परिस्थितियों के कारण अत्यंत पेचीदा रहा। इन्होंने "The Hindu" का संपादन भी किया |

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  11. कृष्ण कान्त

    कृष्ण कान्त Krishan Kantdagger (1927–2002)

    इनका पहला कार्यकाल 21 अगस्त 1997 से  27 जुलाई 2002 रहा| 

    कृष्ण कान्त पूर्व भारत के उपराष्ट्रपति थे। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और संयुक्त मोर्चा के संयुक्त उम्मीदवार के रूप में उन्हें संसद की भारत संसद द्वारा उपाध्यक्ष चुना गया। 27 जुलाई 2002 को एक बड़े दिल का दौरा से पीड़ित होने के बाद 75 वर्ष की उम्र में नई दिल्ली में उनकी मृत्यु हो गई, इससे पहले कि वे एक सेवानिवृत्त जीवन जीने के लिए कार्यालय छोड़ने के कुछ हफ्ते पहले मर गए।

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  12. भैरोंसिंह शेखावत

    भैरोंसिंह शेखावत Bhairon Singh Shekhawat

    इनका पहला कार्यकाल 19 अगस्त 2002 से  21 जुलाई 2007 रहा| 

    भैरोंसिंह शेखावत (23 अक्टूबर 1923 - 15 मई 2010) भारत के उपराष्ट्रपति थे। वे 19 अगस्त 2002 से 21 जुलाई 2007 तक इस पद पर रहे। वे 1977 से 1980, 1990 से 1992 और 1993 से 1998 तक राजस्थान के मुख्यमंत्री भी रहे। वे भारतीय जनता पार्टी के सदस्य थे। भैरोंसिंह शेखावत का जन्म तत्कालिक जयपुर रियासत के गाँव खाचरियावास में हुआ था। यह गाँव अब राजस्थान के सीकर जिले में है। इनके पिता का नाम श्री देवी सिंह शेखावत और माता का नाम श्रीमती बन्ने कँवर था। गाँव की पाठशाला में अक्षर-ज्ञान प्राप्त किया। हाई-स्कूल की शिक्षा गाँव से तीस किलोमीटर दूर जोबनेर से प्राप्त की, जहाँ पढ़ने के लिए पैदल जाना पड़ता था। हाई स्कूल करने के पश्चात जयपुर के महाराजा कॉलेज में दाखिला लिया ही था कि पिता का देहांत हो गया और परिवार के आठ प्राणियों का भरण-पोषण का भार किशोर कंधों पर आ पड़ा, फलस्वरूप हल हाथ में उठाना पड़ा। बाद में पुलिस की नौकरी भी की; पर उसमें मन नहीं रमा और त्यागपत्र देकर वापस खेती करने लगे।

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  13. मोहम्मद हामिद अंसारी

    मोहम्मद हामिद अंसारी Mohammad Hamid Ansari

    इनका पहला कार्यकाल 11अगस्त 2007 से  11 अगस्त 2012 रहा| 

    मोहम्मद हामिद अंसारी (जन्म 1 अप्रैल 1934), भारत के उपराष्ट्रपति थे। वे भारतीय अल्पसंख्यक आयोग के भूतपूर्व अध्यक्ष भी हैं।[1] वे एक शिक्षाविद, तथा प्रमुख राजनेता हैं, एवं अलीगढ मुस्लिम विश्वविद्यालय के उपकुलपति भी रह चुके हैं। वे 10 अगस्त 2007 को भारत के 13वें उपराष्ट्रपति चुने गये।

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  14. मोहम्मद हामिद अंसारी

    मोहम्मद हामिद अंसारी Mohammad Hamid Ansari

    इनका दूसरा कार्यकाल 11 अगस्त 2012 से  11 अगस्त 2017 तक रहा| 

    मोहम्मद हामिद अंसारी (जन्म 1 अप्रैल 1934), भारत के उपराष्ट्रपति थे। वे भारतीय अल्पसंख्यक आयोग के भूतपूर्व अध्यक्ष भी हैं।[1] वे एक शिक्षाविद, तथा प्रमुख राजनेता हैं, एवं अलीगढ मुस्लिम विश्वविद्यालय के उपकुलपति भी रह चुके हैं। वे 10 अगस्त 2007 को भारत के 13वें उपराष्ट्रपति चुने गये।

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  15. वेंकैया नायडू

    वेंकैया नायडू Venkaiah Naidu

    इनका पहला कार्यकाल 11अगस्त 2017 से  वर्तमान तक चालू हे | 

    मुप्पवरपु वेंकय्य नायुडु का जन्म: 1 जुलाई 1949) भारत के वर्तमान उपराष्ट्रपति हैं।[1][2] वे 2002 से 2004 तक भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रह चुके हैं।केंद्र में विभिन्न विभागों के मंत्री पदों को भी सुशोभित कर चुके है। भारत के सत्ताधारी राष्ट्रीय लोकतांत्रिक संघ (एनडीए) ने 17 जुलाई 2017 को उन्हें भारत के उपराष्ट्रपति पद का प्रत्याशी घोषित किया। 5 अगस्त 2017 को हुए चुनाव में गोपालकृष्ण गाँधी को पराजित करके वे भारत के तेरहवें उपराष्ट्रपति निर्वाचित हुए और 11 अगस्त 2017 को उपराष्ट्रपति बने।

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