Item Category Nakshatras

ज्येष्ठा

ज्येष्ठा Jyeshtha

ज्येष्ठा नक्षत्र गंड मूल नक्षत्र कहलाता है। यह वृश्चिक राशि में नो या यी यु के नाम से जाना जाता है। राशि स्वामी मंगल व नक्षत्र स्वामी बुध का ऐसे जातकों पर असर देखने को मिलता है। वृश्चिक राशि में…

अनुराधा नक्षत्र

अनुराधा नक्षत्र Anuradha (nakshatra)

भारतीय ज्योतिर्विदों ने कुल 27 नक्षत्र माने हैं, जिनमें अनुराधा सत्रहवाँ है। इसकी गिनती ज्योतिष देवगण तथा मध्य नाड़ीवर्ग में की जाती है जिसपर विवाह स्थिर करने मे गणक विशेष ध्यान देते हैं। अनुराधा नक्षत्र मे जन्म का पाणिनि ने…

विशाखा

विशाखा Vishakha

विशाखा नक्षत्र का अंतिम चरण मंगल की वृश्चिक राशि में आता है। इसे तो नाम अक्षर से पहचाना जाता है। जहाँ नक्षत्र स्वामी गुरु है तो राशि स्वामी मंगल गुरु मंगल का युतियाँ दृष्टि संबंध उस जातक के लिए उत्तम…

स्वाती

स्वाती Svati

स्वाति नक्षत्र आकाश मंडल में 15वाँ नक्षत्र होकर इसका स्वामी राहु यानि अधंकार है। कहावत भी है कि जब स्वाति नक्षत्र में ओस की बूँद सीप पर गिरती है तो मोती बनता है। दरअसल मोती नहीं बनता बल्कि ऐसा जातक…

चित्रा नक्षत्र

चित्रा नक्षत्र Chitra Nakshatra

आकाशीय मंडल में चौदहवाँ नक्षत्र है। चित्रा नक्षत्र के देवता त्वष्टा हैं जो एक आदित्य हैं। इस नक्षत्र के प्रथम दो चरण कन्या राशि में आते हैं। पे पो नाम से इस नक्षत्र की पहचान होती है। नक्षत्र स्वामी मंगल…

हस्त नक्षत्र

हस्त नक्षत्र Hasta Nakshatra

हस्त नक्षत्र में जन्मा जातक आकर्षक व्यक्तित्व का धनी होगा हस्त नक्षत्र 13वाँ नक्षत्र है। इस नक्षत्र का स्वामी चंद्रमा है। यह पू ष ण ढ प्रथम नाम अक्षर से पहचाना जाता है। नक्षत्र स्वामी चंद्रमा तो राशि कन्या इसका…

उत्तराफाल्गुनी

उत्तराफाल्गुनी Uttara Phalguni

उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र बारहवाँ हैं वहीं इस नक्षत्र का स्वामी सूर्य है। इसका प्रथम चरण सिंह राशि में आता है। अतः इस राशि वालों के सूर्य का दोहरा लाभ मिल जाता है। यह नाम से प्रथम चरण वाला उत्तरा फाल्गुनी…

पूर्वाफाल्गुनी

पूर्वाफाल्गुनी Purva Phalguni

पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र 11वाँ नक्षत्र है। यह सूर्य की सिंह की राशि में आता है। इसके चारों चरण सिंह में मो टी ट नाम अक्षर से चरणानुसार आते हैं। नक्षत्र स्वामी शुक से इसकी मित्रता नहीं है। सूर्य अग्नितत्व प्रधान…

मघा

मघा Magha

मघा नक्षत्र सूर्य की सिंह राशि में आता है। नक्षत्र स्वामी केतु है, इसकी महादशा 7 वर्ष की होती है। केतु को राहु का धड़ माना गया है, जबकि वैज्ञानिक दृष्टि से देखा जाए तो केतु पृथ्वी का दक्षिण छोर…

अश्लेषा

अश्लेषा Ashlesha

आश्लेषा नक्षत्र में जन्मा जातक प्रत्येक कार्य में सफल होता है। आश्लेषा नक्षत्र नौवाँ नक्षत्र है। यह कर्क राशि के अंतर्गत आता है। इसके चरणानुसार नाम डी डू डे डो है। इस नक्षत्र का स्वामी बुध है। इन नक्षत्र में…