रामधारी सिंह ‘दिनकर’ - Ramdhari Singh 'Dinkar'

रामधारी सिंह ‘दिनकर’ हिन्दी के एक प्रमुख लेखक, कवि और निबन्धकार थे। ये आधुनिक युग के वीर रस के श्रेष्ठ कवि के रूप में विख्यात हैं। दिनकर जी स्वतन्त्रता पूर्व एक विद्रोही कवि के रूप में स्थापित हुए। और स्वतन्त्रता के बाद ये राष्ट्रकवि के नाम से जाने गये। इनकी कविताओं में एक ओर जहां ओज, विद्रोह, आक्रोश और क्रान्ति की पुकार है, तो दूसरी ओर कोमल श्रृंगारिक भावनाओं की अभिव्यक्ति है। इन्हीं दो प्रवृत्तियों का चरम उत्कर्ष हमें इनकी कुरुक्षेत्र और उर्वशी नामक कृतियों में देखने को मिलता है। बागी कविताओं के राजा रामधारी सिंह दिनकर जी को राष्ट्रकवि की उपाधि देकर सम्मानित किया गया था।

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