मेक इन इंडिया

मेक इन इंडिया भारत सरकार द्वारा देशी और विदेशी कंपनियों द्वारा भारत में ही वस्तुओं के निर्माण पर बल देने के लिए बनाया गया है। इसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 15 अगस्त को किया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विज्ञान भवन में आयोजित एक समारोह में 25 सितंबर, 2014 को शुरू की “भारत में बनाओ।” 29 दिसंबर 2014, एक कार्यशाला औद्योगिक नीति एवं संवर्धन विभाग जो मोदी, उनके मंत्रिमंडल के मंत्रियों और राज्यों के मुख्य सचिवों के साथ ही विभिन्न उद्योग के नेताओं ने भाग लिया द्वारा आयोजित किया गया था।

पहल के पीछे प्रमुख उद्देश्य रोजगार सृजन और अर्थव्यवस्था के 25 क्षेत्रों में कौशल विकास पर ध्यान केंद्रित करने के लिए हैं। पहल भी उच्च गुणवत्ता मानकों पर और पर्यावरण पर प्रभाव को कम करना है। पहल भारत में पूंजी और प्रौद्योगिकी निवेश को आकर्षित करने की उम्मीद है।

‘मेक इन इंडिया ‘ अर्थव्यवस्था के निम्न पच्चीस क्षेत्रों पर केंद्रित है: गाडियां, ऑटोमोबाइल अवयव, विमानन, जैव प्रौद्योगिकी, रसायन, निर्माण, रक्षा विनिर्माण, इलेक्ट्रिकल मशीनरी, इलेक्ट्रॉनिक प्रणालियाँ, खाद्य प्रसंस्करण, सूचना प्रौद्योगिकी और बिजनेस प्रोसेस प्रबंधन, चमड़ा, मीडिया और मनोरंजन, खनिज, तेल और गैस, फार्मास्यूटिकल्स, बंदरगाह और शिपिंग,रेलवे, नवीकरणीय ऊर्जा, सड़क और राजमार्ग, अंतरिक्ष और खगोल विज्ञान, कपड़ा और परिधानों, तापीय उर्जा, पर्यटन और आतिथ्य कल्याण।

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