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कर्कट रोग

कैंसर से लड़ने में सबसे कारगर है-व्रत/उपवास।
आयुर्वेद की एक सूक्ति या कहावत है-
ज्वर साधु और पाहुना लंघन देय कराए—
अर्थात रोग होने पर भोजन छोड़ देना चाहिए। यह सर्वश्रेष्ठ चिकित्सा है। दूसरी बात है कि जब कभी साधु या रिश्तेदार एक या दो दिन से घर में ज्यादा रुके, तो लंघन यानि भूखा रखना चाहिए। उसे समय पर कुछ भी खाने पीने को न देंवें। चाहें वह कितना ही मान-धान क्यों न हो। किसी भी बाहरी व्यक्ति के घर में रुकने से उसके विचारों में खोटापन आने लगता है। वह आपके निजी मामले में दखलंदाजी करने लगेगा। यह बड़े-बुजुर्गों के अनुभव हैं। आजमा सकते हैं।
व्रतराज नामक ग्रन्थ में

लगभग 112 तरह के व्रतों का वर्णन है। इन व्रतों द्वारा रोगों से मुक्ति के उपाय बताए गए हैं। जैसे-एकादशी के व्रत रखने से वात-पित्त-कफ सन्तुलित रहते हैं। चतुर्दशी के उपवास से मानसिक विकार नहीं होते। पंचमी को व्रत रखने से आत्मविश्वास एवं मनोबल बढ़ता है। अष्टमी के व्रत से सिद्धियां आती हैं। चतुर्थी के व्रत से ज्ञान-बुद्धि तेज होती है।
भारत की अनेकों महिलाएं अपने पति व परिवार की खुशी के लिए निर्जल और निराहार व्रत रखती हैं। जैसे-निर्जला ग्यारस, करवा चौथ, तीजा व्रत आदि इसीलिए भारत में महिलाएं कम बीमार रहती हैं।
अब वैज्ञानिकों की खोजे जाने-
जर्मनी के 4 वैज्ञानिक भारत के विभिन्न क्षेत्रों में रहकर शोध किया कि व्रत का क्या प्रभाव है। इनकी टीम में से 2 लोगों ने 7 दिन का व्रत रखा और 2 लोगों ने नहीं। जांच करने पर पाया कि जिन्होंने व्रत किया उनकी इम्युनिटी काफी बेहतर थी, वे ऊर्जा से भरा महसूस कर रहे थे।

व्रत पर अनुसंधान करने वाले वैज्ञानिकों के अनुसार 12 घण्टे तक कुछ न खाने वाले लोगों के शरीर में ऑटोफागी नाम की सफाई प्रक्रिया शुरू हो जाती है।उपवास से मृत, बेकार कोशिकाओं को शरीर साफ-स्वच्छ कर उसे स्वस्थ्य बनाने लगता है। भूखे रहने और उपवास करना दोनों नवीन कोशिकाओं के निर्माण में फ़ायदेमन्द है।
व्रत-उपवास के फायदे पर एक रिसर्चर जपानी वैज्ञानिक योशीनोरी ओसुमि को नॉबेल पुरस्कार मिला था। जापान में लम्बे जीने वाले सर्वाधिक लोग हैं। ये लोग 7 दिन में एक बार पूरी तरह निराहार रहते हैं।
उपवास से शरीर को फायदा—बीमार होने पर भोजन के बीच लम्बा अंतराल रखें। कोशिश करें कि केवल पानी पीकर ही काम चल सके। कुछ लोगों पर व्रत का यह प्रयोग कराया गया, उनकी सभी दवाएं बन्द करनी पड़ी, क्यों कि वे पूरी तरह स्वस्थ्य थे।

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