बैडमिंटन

बैडमिंटन की शुरुआत 19वीं सदी के मध्य में ब्रिटिश भारत में मानी जा सकती है, उस समय तैनात ब्रिटिश सैनिक अधिकारियों द्वारा इसका सृजन किया गया था। ब्रिटिश छावनी शहर पूना में यह खेल खासतौर पर लोकप्रिय रहा, इसीलिए इस खेल को पूनाई के नाम से भी जाना जाता है। शुरू में, हवा या गीले मौसम में उच्च वर्ग ऊन के गोले से खेलना पसंद करते थे, लेकिन अंततः शटलकॉक ने बाज़ी मार ली। इस खेल को सेवानिवृत्ति के बाद वापस लौटनेवाले अधिकारी इंग्लैंड ले गए, जहां इसे विकसित किया गया और नियम बनाये गए। नया खेल निश्चित रूप से सन् 1873 में ग्लूस्टरशायर स्थित ब्यूफोर्ट के ड्यूक के स्वामित्ववाले बैडमिंटन हाउस में शुरू किया गया था। उस समय तक, इसे “बैडमिंटन का खेल” नाम से जाना जाता था और बाद में इस खेल का आधिकारिक नाम बैडमिंटन बन गया।[

सन् 1992 से, पांच प्रकार के आयोजनों के साथ बैडमिंटन एक ओलम्पिक खेल रहा है: पुरुषों और महिलाओं के एकल, पुरुषों और महिलाओं के युगल और मिश्रित युगल, जिसमें प्रत्येक जोड़ी में एक पुरूष और एक महिला होती है। खेल के उच्च स्तर पर, खेल उत्कृष्ट शारीरिक फिटनेस की मांग करता है: खिलाड़ियों को एरोबिक क्षमता, दक्षता, शक्ति, गति और दुरूस्तता की आवश्यकता होती है। यह एक तकनीकी खेल भी है, इसमें अच्छे संचालन समन्वय और परिष्कृत रैकेट जुम्बिशों के विकास की ज़रुरत होती है।

बीडब्ल्युएफ थॉमस कप, प्रीमियर मैन्स इवेंट और उबर कप, सहित महिलाओं के लिए भी इसी तरह की कई अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं का आयोजन करता है। 1972 और 1988 के ग्रीष्मकालीन ओलंपिक में बैडमिंटन व्यक्तिगत स्पर्धा एक प्रदर्शन इवेंट था। 1992 के बार्सिलोना ओलंपिक में यह एक ग्रीष्मकालीन ओलंपिक खेल बन गया। विश्व के 32 सर्वोच्च स्थान प्राप्त बैडमिंटन खिलाड़ियों ने इस प्रतियोगिता में भाग लिया और प्रत्येक देश ने तीन खिलाड़ियों को इसमें भाग लेने के लिए भेजा। विश्व स्तरीय प्रतियोगिता में विश्व के केवल 64 सर्वोच्च स्थान प्राप्त खिलाड़ी और प्रत्येक देश से अधिकतम तीन इसमें भाग ले सकते हैं।

बैडमिंटन के बारे मे अधिक पढ़ें

बैडमिंटन को निम्न सूचियों मे शामिल किया गया है :

Share via
Copy link