370 और 35A हटने के बाद कैसा होगा जम्मू-कश्मीर

जम्मू-कश्मीर पुर्नगठन विधेयक-2019 सोमवार को राज्यसभा तथा मंगलवार को लोकसभा में पारित हो गया | इसे केंद्र सरकार की एक बड़ी जीत के रूप में देखा जा रहा है | जम्मू-कश्मीर से धारा 370 का असर कम करने के लिए गृह मंत्री ने संकल्प पेश किया इसके साथ ही वह राज्य पुनर्गठन विधेयक भी राज्यसभा में पास कराने में कामयाब रहे |

गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि वक्त आ गया है कि अनुच्छेद 370 को खत्म कर दिया जाए, क्योंकि यही सभी परेशानियों की जड़ है | उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 के रहते लोकतंत्र कभी फल-फूल नहीं सकता | पिछले दो दशकों में राज्य में लगभग 41 हजार लोग मारे गए हैं |

जम्मू कश्मीर का नक्शा बदलने तक बात सीमित नहीं है, कश्मीर में और भी बहुत कुछ बदल गया है | क्योंकि अब कश्मीर में धारा 370 के उन सारे प्रावधानों का खात्मा हो जाएगा जो जम्मू-कश्मीर को भारत का हिस्सा होते हुए भी अपना अलग संविधान लागू करने की इजाजत देता था.

क्या है अनुच्छेद 35A?

अनुच्छेद 35A से जम्मू-कश्मीर राज्य के लिए स्थायी नागरिकता के नियम और नागरिकों के अधिकार तय होते हैं| 14 मई 1954 के पहले जो कश्मीर में बस गए थे वही स्थायी निवासी | स्थायी निवासियों को ही राज्य में जमीन खरीदने, सरकारी रोजगार हासिल करने और सरकारी योजनाओं में लाभ के लिए अधिकार मिले हैं | किसी दूसरे राज्य का निवासी जम्मू-कश्मीर में जाकर स्थायी निवासी के तौर पर न जमीन खरीद सकता है, ना राज्य सरकार उन्हें नौकरी दे सकती है | अगर जम्मू-कश्मीर की कोई महिला भारत के किसी अन्य राज्य के व्यक्ति से शादी कर ले तो उसके अधिकार छिन जाते हैं, हालांकि पुरुषों के मामले में ये नियम अलग है |

अब क्या हो पाएगा

राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद अब कश्मीर में 370 के आर्टिकल-1 को छोड़कर बाकी सभी धाराएं खत्म कर दी गई हैं जिनमें 35ए भी शामिल है | जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन विधेयक के जरिये कश्मीर से पूर्ण राज्य का दर्जा छीन लिया जाएगा | अब जम्मू-कश्मीर एक केंद्र शासित प्रदेश होगा और लद्दाख दूसरा केंद्र शासित प्रदेश होगा | जम्मू-कश्मीर में दिल्ली की तरह विधानसभा होगी लेकिन लद्दाख को चंडीगढ़ की तरह बिना विधानसभा का केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया है | देश के लिए संसद में बनने वाला हर कानून अब जम्मू-कश्मीर में भी लागू होगा | जम्मू-कश्मीर में अब देश का कोई भी नागरिक चुनाव लड़ पाएगा |

देशभर में एक विधान

जम्मू-कश्मीर की महिला, अगर किसी दूसरे राज्य के नागरिक से शादी करेगी तो वो संपत्ति के हक से वंचित नहीं रहेगी. आसान भाषा में कहें तो अब जम्मू-कश्मीर भी एक देश-एक विधान पर चलेगा |

वैसे ध्यान देने वाली एक महत्वपूर्ण बात ये भी है कि कश्मीर में धारा-370 के प्रावधान-1 को छोड़कर बाकी सारे प्रावधान खत्म हो जाएंगे. यानी धारा-370 पूरी तरह खत्म नहीं हुई है. लेकिन पूरी तरह बेअसर जरूर हो गई है.

जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को पूरी तरह तभी खत्म किया जा सकता था जब देश की संसद के अलावा जम्मू-कश्मीर की संविधान सभा इसकी मंजूरी देती, किन्तु अब जम्मू-कश्मीर का अलग संविधान रद्द होने के बाद संसद और जम्मू-कश्मीर विधानसभा की मंजूरी से 370 को पूरी तरह रद्द किया जा सकता है |

जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 खत्म करने का ऐलान किया गया है। इसके साथ ही, लद्दाख को जम्मू कश्मीर से अलग राज्य बनाया गया है। अर्थात, अब जम्मू कश्मीर विधानसभा वाला केन्द्र शासित प्रदेश होगा जबकि लद्दाख बिना विधानसभा वाला केन्द्र शासित प्रदेश रहेगा।

फैसले के बाद क्या बदलेगा
जम्मू-कश्मीर अब विशेष राज्य नहीं नहीं बल्कि देश के अन्य राज्यों की भांति उसमें भी सामान विधान कार्य करेगा –

घाटी में लग सकेगा राष्ट्रपति शासन
जम्मू-कश्मीर में भी अब राष्ट्रपति शासन लगाया जा सकेगा | जम्मू कश्मीर राज्य में संविधान का अनुच्छेद-370 लागू था | इस कारण राष्ट्रपति के पास राज्य सरकार को बर्खास्त करने का अधिकार नहीं था, यानी वहां राष्ट्रपति शासन नहीं, बल्कि राज्यपाल शासन लगता था | अब वहां राष्ट्रपति शासन लग सकेगा.

वित्तीय आपातकाल लागू होगा
देश में वित्तीय आपातकाल लगाने का प्रावधान जम्मू-कश्मीर में भी लागू होगा जो अबतक नहीं होता था | भारतीय संविधान की धारा 360 के तहत देश में वित्तीय आपातकाल लगाने का प्रावधान है. वो भी जम्मू कश्मीर पर लागू नहीं होता था. अब यहां वित्तीय आपातकाल लागू हो सकेगा.

5 साल का विधानसभा का कार्यकाल
जम्मू कश्मीर की विधानसभा का कार्यकाल 6 वर्षों का होता था, जबकि भारत के अन्य राज्यों की विधानसभाओं का कार्यकाल 5 वर्ष का होता है. अनुच्छेद-370 हटने के बाद यहां भी विधानसभा का कार्यकाल 5 साल का होगा | जम्मू-कश्मीर में अब विधानसभा का कार्यकाल 6 साल की बजाय बाकी राज्यों की तरह 5 साल का होगा

अब मिलेगा आरक्षण
जम्मू-कश्मीर में अबतक बाकी राज्यों की तरह आरक्षण के नियम लागू हो सकेंगे | संविधान में वर्णित राज्य के नीति निदेशक तत्व भी यहां लागू नहीं होते थे. साथ ही कश्मीर में अल्पसंख्यकों को आरक्षण नहीं मिलता था. गृहमंत्री ने अमित शाह ने कहा कि इस बिल के तहत जम्मू कश्मीर में आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग को 10 फीसदी आरक्षण दिया जाएगा | जम्मू-कश्मीर में अब देश का कोई भी नागरिक नौकरी हासिल कर पाएगा |

दोहरी नागरिकता खत्म, अलग झंडा नहीं
यहां नागरिकों के पास दोहरी नागरिकता होती है. इसके अलावा जम्मू कश्मीर में अलग झंडा और अलग संविधान चलता है. जो अब छीन जाएगा | जम्मू-कश्मीर में भी अब राष्ट्रीय ध्वज और राष्ट्रीय प्रतीकों का अपमान दंडनीय होगा |

आरटीआई,सीएजी जैसे कानून लागू होंगे
जम्मू-कश्मीर में अब रणवीर पीनल कोड यानी RPC की जगह इंडियन पीनल कोड यानी IPC लागू होगी | जम्मू-कश्मीर में भी अब सूचना का अधिकार जैसे कानून लागू हो सकेंगे जो अबतक नहीं होते थे | संसद में पास कानून जम्मू कश्मीर में तुरंत लागू नहीं होते थे. शिक्षा का अधिकार, सूचना का अधिकार, सीएजी, मनी लांड्रिंग विरोधी कानून, कालाधन विरोधी कानून और भ्रष्टाचार विरोधी कानून कश्मीर में लागू नहीं थे। ये अब लागू हो सकेंगे।

राष्ट्रीय ध्वज और राष्ट्रीय प्रतीकों का अपमान दंडनीय होगा
अभी तक जम्मू-कश्मीर का अलग झंडा था। अब ऐसा नहीं होगा यानी राष्ट्रीय ध्वज और राष्ट्रीय प्रतीकों के अपमान पर सजा होगी। जम्मू-कश्मीर में अब अलग झंडा नहीं होगा..सिर्फ तिरंगा लहराया जाएगा

बाहरी लोग जम्मू-कश्मीर में जमीन संपत्ति खरीद पाएंगे
अभी तक बाहरी लोगों के जम्मू-कश्मीर में संपत्ति खरीदने पर प्रतिबंध था। जम्मू-कश्मीर में अब देश का कोई भी नागरिक संपत्ति खरीद पाएगा |

पुराना और नया कश्मीर : अनुच्छेद 370 हटाने के मायने
पहले जम्मू-कश्मीर में दोहरी नागरिकता होती थी, अब सारे भारत के नागरिक होंगे
जम्मू-कश्मीर में धारा 356 लागू नहीं होती थी, अब धारा 356 लागू (सरकार बर्खास्त कर राष्ट्रपति शासन लागू करने का अधिकार)होगी
पहले राज्यपाल शासन का अधिकार होता था, अब राष्ट्रपति शासन का अधिकार होगा
राज्य में अल्पसंख्यकों को आरक्षण नहीं मिलता था, अब अल्पसंख्यकों को आरक्षण मिलेगा
पहले राज्य की पुलिस सीएम को रिपोर्ट करती थी, अब राज्यपाल के अधीन होगी
पहले छह साल की विधानसभा, अब पांच साल की विधानसभा होगी
पहले राज्य का राज्यपाल था, अब जम्मू-कश्मीर का राज्यपाल और लद्दाख का उपराज्यपाल होगा |

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